ये विचार डॉ. सत्य नारायण व्यास ने साल दो हज़ार बारह की शुरुआत में राजस्थान की महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लाड कुमारी जैन के चित्तौड़ आगमन पर कहे. ये आयोजन एक गोष्टी का था जो प्रयास संस्था के साभागार में हुई थी.छोटा मगर सारगर्भित इस उदबोधन को माणिक ने 'अपनी माटी' प्रोजेक्ट के तहत यहाँ सम्पादित करके पोस्ट किया है.इसे पूरा सुनाने हेतु व्यास जी के इस फोटो पर क्लिक करिएगा.व्यास जे से जुड़े हुए बाके ऑडियो सुनने हेतु यहाँ क्लिक करिएगा.


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