आकाशवाणी से प्रसारित डॉ. सत्यनारायण व्यास के आलेख


1.       आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी: व्यक्तित्व एवं कृतित्व, 1987 ई0,
2.       भक्त कवियत्री मीरा और उनकी काव्य-संवेदना, 19.02.1987 ई0,
3.       हिन्दी आलोचना का विकास और आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी, 11.11.1987 ई0,
4.       रचनाकार की सामाजिक प्रतिबद्धता, 19.06.1988 ई0,
5.       साहित्य और राष्ट्र की अन्योन्याश्रयता, 24.12.1991 ई0,
6.       पं. जवाहरलाल नेहरू: एक लेखक के रूप में, 05.11.1992 ई0,
7.       मानव-मूल्यों का ह्रास और साहित्यकार का दायित्व, 27.04.1993
8.       आज का साहित्य और मुंशी प्रेमचंद, 03.09.1993 ई0,
9.       हिन्दी भाषा में कहावतें और लोकोक्तियाँ, 27.12.1997 ई0,
10.    शिक्षकों के प्रति हमारा दायित्व, 16.08.1997 ई0,
11.    समसामयिक व्यंग्य साहित्य और युग-बोध, 30.04.1998 ई0,
12.    हजारीप्रसाद द्विवेदी के उपन्यासों में युगबोध, 28.07.1999 ई0,
13.    नारी-मुक्ति की मशाल: दरद-दीवाणी मीरा, 12.09.1999 ई0,
14.    बीते वर्ष में साहित्य के ज्वलन्त प्रश्न, 06.12.1999 ई0,
15.    साहित्य से मौजूदा समय की अपेक्षाएँ, 03.04.2000 ई0,
16.    माँई एहड़ा पूत जण जेहड़ा राण प्रताप, 10.06.2000 ई0,
17.    हिन्दी पत्रिकाएँ: दशा और दिशा, 26.11.2000 ई0,
18.    भक्ति-साहित्य मांय मीरा रो स्थान, 07.01.2001 ई0,
19.    नयी सहस्राब्दि में पुस्तकों की दुनिया, 01.04.2001 ई0,
20.    उत्तर-आधुनिकता और स्थानीय आग्रह, 03.08.2001 ई0,
21.    हिन्दी साहित्य मांय महाराणा प्रताप रो चित्रण, 17.06.2001 ई0,
22.    बीते वर्ष के उपन्यास, 24.12.2001 ई0,
23.    तात्कालिक प्रश्न और लेखन-कर्म, 11.05.2002 ई0,
24.    दलित-विमर्श: साहित्य और दलित, 02.02.2002 ई0,
25.    वीर रस रो महाकाव्य: ‘पृथ्वीराज रासो’, 25.09.2002 ई0,
26.    क्लासिक्स के आलोक में हमारा समय, 31.07.2005 ई0,
27.    मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों में सामाजिक सरोकार, 22.03.2006 ई0,
28.    रचना और आलोचना का संबंध, 15.08.2006 ई0,
29.    मीरां रे पदां री प्रामाणिकता, 2007 ई0,
30.    मुक्तिबोध का काव्य-संसार, 12.02.2007 ई0,
31.    उदयपुर व चित्तौड़गढ़ आकाशवाणी केन्द्र से विगत 30 वर्षों में नियमित अंतराल से स्वरचित कविताओं का अनेक बार प्रसारण।

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